आज मन उदास था
बेसब्री से इंतजार था
बीस साल पहले
सबको पोस्टमैन का
मां को मामा की
चिट्ठी का होता था,
ठीक वैसे ही
आज कवि को
उसकी रचना पर
आप सबकी
समीक्षा का
बेसब्री से इंतजार था।।
😊😊🙏
इंतज़ार
Comments
8 responses to “इंतज़ार”
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बहुत ख़ूब
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धन्यवाद 🙏
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सुन्दर रचना
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धन्यवाद् सर🙏
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उत्तम रचना
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बहुत खूब
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क्या बात है आपने चिट्ठियों के जमाने याद दिला दिये
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Sahi kaha aapne
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