25 Comments

    1. धन्यवाद बस अभी
      हिन्दी साहित्य पढ़ रही थी तो
      मन किया की पुराने कवियों की भाषा-शैली में लिखकर देखूँ

  1. आपकी कविता उच्च स्तरीय है
    बहुत ही उत्तम और सटीक भाषा शैली का प्रयोग किया गया है
    बहुत ही कम शब्दों में बहुत कुछ कहने की कोशिश की गई है
    आपकी यह रचना पढ़ कर मुझे साकेत याद आ गई है प्रज्ञा जी
    आप प्रतिभा की धनी हो।

  2. वास्तव में उर्मिला की करूण व्यथा एक विचारणीय बिंदु है
    आपने बहुत ही बेहतरीन तरीके से उसे प्रस्तुत किया है
    👌👏👏👏

Leave a Reply