23 Comments

  1. बहुत ही लाजवाब अभिव्यक्ति। अच्छे लोगों को मित्र भी अच्छे ही मिलते हैं। बहुत ही सुंदर कविता लिखी है, गीता जी आपने। लेखनी की इस प्रखरता को सैल्यूट

  2. इतनी सुन्दर समीक्षा के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद सतीश जी
    कविता के भाव को समझने के लिए आपका बहुत बहुत आभार 🙏

    1. लय बद्ध करने के लिए लिख दिया है । सावन भादों का मौसम अच्छा होता है । सवान भादों में भी बादल नेह बरसाते है वैसे ही मेरी सखी भी मुझ को स्नेह देती है तो उपमा अलंकार का प्रयोग है।

    2. सोने सा सुंदर में अनुप्रास अलंकार भी है भाई जी। समीक्षा के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद एवम् आभार 🙏

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