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  1. हम भी गुजरे ऐसे रास्ते से,
    मिल न सकी लाख मन्नतों से,
    जब इजहार किया अपने प्यार को,
    उसका प्यार रहा किसी और से,

    मैं टूट कर वही रोने लगा,
    रात दिन उसी के याद में खोने लगा,
    एक दिन खत लिखा एक आता है,
    संभल जाओ अभी समय है,
    परीक्षा सर पर आने वाला है,

    यह हमारी कविता का कुछ अंश है

    सचमुच आप की कविता काबिले तारीफ है

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