कविता- शास्त्री गांधी से सीख लो |
लड़ा जाता कैसे जंगे आजादी गांधी से सीख लो |
सत्य अहिंसा की कैसी आजादी गांधी से सीख लो |
छोड़ धन दौलत रूप संत का बना लिया उसने |
कैसे हो बुलंद हौसला सबका गांधी से सीख लो |
साबरमती का संत कपड़ा सूत चरखा चलाया |
राम रहीम एक है गाया कैसे गांधी से सीख लो |
जाड़ा धूप गरमी सब पहन धोती सहता रहा |
लड़ा कैसे अंग्रेज़ो एक संत गांधी से सीख लो |
अवतरित हुये आज सादगी के प्रतीक शास्त्री |
थर्राया दुशमनों घर घुस कैसे शास्त्री से सीख लो |
हुई अचानक मौत शास्त्री देश बड़ा मर्माहत हुआ|
खड़ा पंक्ति पुत्र फार्म भरा शास्त्री से सीख लो |
रह प्रधान मंत्री शास्त्री ने पद न दुर्पयोग किया |
गुजारा तंख्वाह पर कैसे सब शास्त्री से सीख लो |
गांधी शास्त्री भारत के गौरव संत महापुरुष हुये |
बढ़ाया कैसे भाल भारत गांधी शास्त्री से सीख लो |
श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक /गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड मोब -9955509286
कविता- शास्त्री गांधी से सीख लो |
Comments
9 responses to “कविता- शास्त्री गांधी से सीख लो |”
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अतिसुंदर भाव
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haardik aabhaar apka pandit ji
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लड़ा जाता कैसे जंगे आजादी गांधी से सीख लो |
सत्य अहिंसा की कैसी आजादी गांधी से सीख लो |
वाह सर, आपकी लेखनी से प्रस्फुटित हुई इस बेहतरीन रचना के लिए आपकी जितनी भी तारीफ की जाये वह कम है। वाह, उच्चस्तरीय भाव-
haardik aabhaar paka pandey ji
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बापू गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी के कार्यों को बहुत ही सुन्दर तरीके से प्रस्तुत किया गया है । बहुत ही शानदार रचना और अतिसुंदर भाव ,काबिले तारीफ़ रचना ।
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haardik aabhar aapkaa pandey ji
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hridaytal se aabhaar apaka geeta ji
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✍👌🤔🙂
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Beautiful
And true
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