7 Comments

  1. समय का पहिया चलता है
    चरैवेति क्रम कहता है
    मानवता को तज कर मानव
    खोटे सिक्कों में बिक जाता है ||
    —– अति सुन्दर पंक्तियां, बहुत सुंदर प्रस्तुति

Leave a Reply