तेरी तस्वीर को व्हाट्सएप पर देखा
आज मैंने कई सालों बाद
वो दौर याद आ गया
जब हम रात-रात भर
बातें किया करते थे
उन होंठों से काफी
पुराना रिश्ता रहा है मेरा
जो तस्वीर में खामोश
दिख रहे थे
आँखों में वो चमक भी नहीं थी
जो पहले हुआ करती थी
मैं तो सिमट ही गई हूँ
अपनी कोरी जिन्दगी में
पर तुम्हें क्या हो गया ?
बडे़ उदास नजर आ रहे हो !
वो प्यारी-सी हँसी कहाँ गई ?
जो कभी होंठों पर सजा करती थी….!!
‘कोरी जिन्दगी’
Comments
8 responses to “‘कोरी जिन्दगी’”
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बहुत खूब
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Thanks
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बहुत खूब
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Tq
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सुन्दर अभिव्यक्ति, बहुत ही सुंदर
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धन्यवाद
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सुन्दर
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Thanks
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