चमत्कार

ज़िन्दगी, है एक चमत्कार
हर सांस इसकी है,
प्रभु का उपहार
प्रभु की दी हुई नेमत है ये,
यूं कुछ भी कह के
ना कर बेकार..

*****✍️गीता

Comments

14 responses to “चमत्कार”

  1. बहुत बढ़िया

    1. सादर धन्यवाद सर 🙏

    1. Thanks pragya for your nice compliment.

  2. कवि गीता जी की यह एक सकारात्मक कविता है, जिसमें इस जीवन को ईश्वर का उपहार बताया गया है। और हमेशा सकारात्मक सोचने की बात कही गयी है। कथ्य पूर्णरूप सम्प्रेषण योग्य है और भाव पाठक को दिशा देने में सक्षम है।

    1. Geeta kumari

      इतनी सुन्दर समीक्षा सर, आपकी समीक्षा शक्ति अद्भुत है ।वैसे मेरा यही मानना है कि हम सोच तो सकारात्मक रख ही सकते हैं ।आगे, सबका अपना अपना नसीब । समीक्षा के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद सतीश जी अभिवादन🙏

    1. Geeta kumari

      सादर धन्यवाद भाई जी 🙏 आभार

  3. वाह वाह बहुत खूब

    1. बहुत बहुत धन्यवाद आपका चंद्रा जी 🙏

    1. Geeta kumari

      Thanks Anu ji

    1. बहुत बहुत धन्यवाद आपका कमला जी 🙏

Leave a Reply

New Report

Close