खोजती रहती है दुनिया
चैन मिलता ही नहीं,
यह सही है वह सही है
मन कहीं टिकता नहीं।
आजकल की बात ही
कुछ अलग सी हो गई
असलियत के रंग का
खून भी दिखता नहीं।
चैन मिलता ही नहीं
Comments
4 responses to “चैन मिलता ही नहीं”
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बहुत खूब
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Wah Payday jee kaya baat kahi hai
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सुंदर शिल्प उम्दा भाव
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शानदार पंक्तियाँ
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