जब तू याद आया

जब मैं हुई उदास, तो तेरा मुस्कुराना याद आया
जब हुई तुझसे दूर, तो तेरा पास आना याद आया
तू नहीं आया, पर तेरी याद चली आई
तेरी याद से मिलकर, मुझे मुस्कुराना याद आया
किताब में रख़ा मिला एक सूख़ा फ़ूल गुलाब का
आज फ़िर से वो किस्सा सुहाना याद आया
आंखों में नमी है, मग़र रोती नहीं हूं मैं
किसी को दिया हुआ, एक वादा पुराना याद आया
फुर्सत से बीत जाते हैं, जब कुछ पल मेरे
मुझे फ़िर वो गुज़रा ज़माना याद आया

Comments

19 responses to “जब तू याद आया”

  1. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    बहुत सुन्दर रचना

  2. Geeta kumari

    धन्यवाद… 🙏आभार

  3. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    “को दिया हुआ “के जगह “से किया”रखते तो प्रवाह अटूट होता।

    1. Geeta kumari

      Hmmm… You are right

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद 🙏

  4. Priya Choudhary

    Nice

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद

  5. Geeta kumari

    धन्यवाद

    1. Geeta kumari

      Thank you

      1. Abhishek kumar

        🙏🙏

  6. Satish Pandey

    बहुत खूब

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद जी

  7. Devi Kamla

    Bahut khoob

    1. Geeta kumari

      बहुत शुक्रिया जी🙏

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