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  1. कुंदन का निखरना भी जरुरी था,
    टुटे माला यह भी जरुरी था|

    अंतर्मुख रहकर सिध्य किया,
    सत्य झूठ सह सकता,
    पर झूठ सत्य नहीं हो सकता|

    आप अपनी लेखनी में✍
    गागर मे सागर भरने का काम करतीं हैं 🙏

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