तबस्सुम से तुम्हारी हम
सभी गम भूल जाते हैं,
आईन्दा दूर मत जाना
जुदाई सह न पाते हैं।
तबस्सुम से तुम्हारी हम
Comments
12 responses to “तबस्सुम से तुम्हारी हम”
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बहुत खूब
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बहुत धन्यवाद
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👏👏👏👌👌👌
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Thank you
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सुंदर
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सादर आभार जी
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बहुत ख़ूब..
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बहुत सारा धन्यवाद जी
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Very nice😊👏👍
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Thank you ji
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Nice, very nicet
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सादर धन्यवाद
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