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  1. अति खूबसूरत काव्य है सतीश जी । काव्य के लय बद्ध शैली की तारीफ़ के लिए शब्दकोष कम पड़ता प्रतीत हो रहा है। “मगर जो नेह दिखता है बता क्या बात है तेरी”….पंक्तियों ने दिल को छू लिया। आपके उच्च स्तरीय लेखन को प्रणाम..।

    1. आपने समीक्षा में इतना सुंदर लिखा है। प्रेरित करती हुई इन पंक्तियों के लिए आपको हार्दिक धन्यवाद और अभिवादन है गीता जी

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