तुम जाओगे…

तुम जाओगे ,कल नहीं;
आज चलें जाओ,
छोड़ जाओ, रोकूंगा नहीं,
मगर काम ज़रा-सा करके जाओ,
फिर कभी टोकूंगा नहीं।
ये यादें जो घर बनाएं बैंठी है दिल में,
ज़रा मेहरबानी ! ले जाओ,
फिर कभी भी; ईमान से, कोसूंगा नहीं।

Comments

18 responses to “तुम जाओगे…”

  1. बहुत खूब, लेखनी को सलाम

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत धन्यवाद सतीश सर
      🙏🙏 शुभ रात्रि

  2. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बहुत बहुत आभार 🙏 सर
    शुभ रात्रि

  3. Priya Choudhary

    बिल्कुल सही👏👏👍

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      हार्दिक आभार 🙏

  4. आपकी लेखनी को सलाम

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत धन्यवाद 🙏 ऋषि जी

  5. क्या बात है, सैल्यूट

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत शुक्रिया मैम 🙏🙏

  6. काबिले तारीफ

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar
      मोहन सिंह मानुष

      बहुत बहुत आभार

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar

      बहुत बहुत धन्यवाद

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar

      बहुत बहुत धन्यवाद

  7. Pratima chaudhary

    Bahut sundar

  8. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    धन्यवाद जी

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