मेरा दिल ही मेरा रक़ीब है,
मैं भुलना चाहता हूं, उसे
और ये याद करता रहता है।
मेरा रक़ीब
Comments
16 responses to “मेरा रक़ीब”
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वाह वाह, क्या बात कही है आपने, very nice
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🙏🙏 बहुत बहुत धन्यवाद
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NICE
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Thank you 🙏
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लाजवाब
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बहुत बहुत धन्यवाद
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Wah👏👏
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बहुत बहुत धन्यवाद
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बहुत ख़ूब ,क्या कहने
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बहुत बहुत धन्यवाद
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वाह
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बहुत बहुत आभार प्रज्ञा जी 🙏
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बहुत खूब
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बहुत बहुत धन्यवाद
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Good
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बहुत बहुत आभार
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