तेरी खुशी है किसमे

‘तेरी खुशी है किसमे, तय कर ये रज़ा अपनी
परेशान हो गया हूँ, दुआ बदल-बदल के..

शायद के कोशिशों से, घुट जाए दम भी मेरा,
जलती है आग भी अब, धुँआ बदल-बदल के..

होगी तेरी नज़र में, हँसी खेल ये मोहब्बत,
इश्क भी अक्सर तुझे, हुआ बदल-बदल के..

कुछ अपनी रहगुज़र में, तब्दीलियां चाहते थे,
खेला है ज़िन्दगी का, जुआ बदल-बदल के..’

– प्रयाग धर्मानी

मायने :
रज़ा – मर्ज़ी
रहगुज़र – रास्ता
तब्दीलियां – परिवर्तन

Comments

14 responses to “तेरी खुशी है किसमे”

    1. Prayag Dharmani

      🙏🙏

  1. Anuj Kaushik

    अति सुन्दर

    1. धन्यवाद जी

  2. Geeta kumari

    बहुत शानदार

    1. शुक्रिया जी

  3. अतिसुन्दर

    1. बहुत शुक्रिया

Leave a Reply

New Report

Close