4 Comments

  1. निर्धन दर्जी की व्यथा का यथार्थ चित्रण प्रस्तुत किया हैआपने अपनी कविता में। माता पिता , बड़े बुजुर्गों के सम्मान हेतु प्रेरणा देती हुई उत्तम प्रस्तुति

  2. मां बाप का प्रेम निश्छल होता है और
    संतान यह नहीं समझती…
    आपने दर्जी के माध्यम से यही समझाने का प्रयास किया है

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