दोस्ती

ना गम है
ना दर्द है
जो बिताया दोस्तों के साथ
वो ही सुनहरा वक्त है

ना है कोई खून का रिश्ता
फिर भी निभाते ये दिलवाले है
एक दूसरे में खुश रहते
ये मस्त मतवाले है

चाहे दिन हो या रात हो
कोई दुःख लगा ना पाए हाथ
अगर दोस्तों का साथ हो

कई सफल कहानियो के पीछे
दोस्तों का भी साथ होता है
जरुरी नहीं की हर बार
औरत का ही हाथ होता है

दोस्तों के बगैर
जीना भी क्या जीना
वो दोस्त ही क्या
जो ना हो कमीना

ज़िन्दगी बीत जाती है
बस रह जाते है कर्म
ज़िन्दगी जीना सीखा दे
वो ही है दोस्ती का धर्म

– हिमांशु ओझा

Happy friendship day dosto🥳🥳🥳👍🏻🥰

Comments

4 responses to “दोस्ती”

  1. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    “दोस्त और दोस्ती” का मतलब समझाती हुई सफल प्रस्तुति

  2. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    सुन्दर

  3. मित्रता की
    सुंदर कविता

  4. Satish Pandey

    बहुत अच्छी

Leave a Reply

New Report

Close