12 Comments

    1. कया बात । हौसला अफजाई के लिए आपका। शुक्रिया मैम बहुत सुंदर टिप्पणी मिली है ।खुश कर दिया ।

  1. बहुत ही सुंदर। कवि गीता जी ने इस कविता में प्राकृतिक सौंदर्य का बहुत ही सुंदर, चित्रण किया है।
    झरने झर-झर बहें यहां पर,
    शीतल पवन का शोर
    बहुत ही सुंदर अलंकारिक पंक्तियाँ काव्य में चार चाँद लगा रही हैं।
    अद्भुत चित्रण वाह

  2. इतनी सुन्दर समीक्षा के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी 🙏
    जो देखा था उसी का वर्णन किया है । सचमुच अद्भुत दृश्य ही था वो ।

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