एक तरफ करोना तो दूसरे तरफ पापी पेट।
अब तो रिश्ते भी चढ़ गए है करोना की भेंट।।
पेट और भेंट
Comments
15 responses to “पेट और भेंट”
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धन्यवाद।
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बहुत खूब
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धन्यवाद।
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अति सुन्दर
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धन्यवाद ।
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लाजवाब
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बहुत बहुत धन्यवाद।
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यथार्थ
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धन्यवाद।
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देर आए परंतु दुरुस्त आए
आपसे एक विनती है अमित जी,
कृपया जल्दी जल्दी आया करें
और सावन पर उपस्थिति बनाए रखें
हमें हार्दिक प्रसन्नता होगी-

आपने (सावन) याद किया हम चले आए। बिहार राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद के लिए कविता तैयार कर रहा था। इसलिए आपलोगों से मुलाकात नहीं हो पाई।
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सही कहा आपने
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बहुत खूब
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Great
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