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  1. कविता की आलोचना- देश प्रेम के सुंदर भाव हैं। शिल्प की दृष्टि से बगुला सा के स्थान पर ‘बगुले सा’ उचित प्रतीत होता है। हिन्दी में ‘वन्दूख’ के स्थान पर ‘बन्दूक’ शब्द है। भाव बहुत अच्छे हैं।

  2. काव्य सौंदर्य और कलापक्ष उच्चकोटि का है। उत्तम शब्दावली उत्तम नाद गुणवत्ता, लयबद्धता वाह वाह

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