8 Comments

  1. उमंग का मृदङ्ग
    खूब बजाकर,
    लिख डालूँ एक कविता।
    ________ आपकी यह कविता इतनी सुंदर है कि इसे पढ़ते ही ऐसा लगा जैसे ढोल मृदंग स्वतः ही बज उठे हों…. साहित्य को कविता के माध्यम से उकेरती हुई सुंदर शिल्प और भाव लिए हुए कवि सतीश जी की बहुत ही शानदार रचना

  2. कवि सतीश जी की बेहद माधुरी पूर्ण कविता जिसमें संगीत को प्राथमिकता दी गई हैं

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