आओ ना चलो, बात करते है,
ये खामोशी तुम्हारी जान ही ना लेले
आओ ना चलो, बात करते है
एक अरसा हुआ तुमको देखे हुए,
आओ ना चलो, मुलाकात करते है,
आओ ना चलो, बात करते है,
बाते दिल की तुम करना, मैं दिल से सुनूँगा,
राज दिल के तुम कहना, मैं राज ही रखूँगा,
क्यू ना आज ओर अभी से शुरूवात करते है
आओ ना चलो, बात करते है,
बात करने से ही, बात बन जाती है
चोट पत्थर सी हो,तो भी पिघल जाती है,
फिर भी ना जाने क्यू,बात से डरते है
आओ ना चलो, बात करते है
आओ ना चलो, बात करते है
✍️ Rinku Chawla
#shushantsingh incident
बात इक शुरुआत
Comments
14 responses to “बात इक शुरुआत”
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बहुत सुंदर
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Thnx
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Thnx
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अतिसुंदर
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Nice platform
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Thnx
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Nice Poetry
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Thnx
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वाह वाह
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Thnx
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Atisunder
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Thnx
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good
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Thnx
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