9 Comments

  1. समय बदलते रहता है, कभी किसी का वक्त होता है कभी किसी का। कभी बादल का दौर चलता है तो कभी सूरज की तपिश तो कभी ठंडी ठिठुरन।
    चुनौती पेश करती बेहतरीन पंक्तियाँ।

    1. आपकी सटीक टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी
      कविता के भाव को समझने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद सर

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