बाल कविता – स्कूल बैग

बाल कविता – स्कूल बैग
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मेरा प्यारा स्कूल बैग
सुन्दर सा है स्कूल बैग,
चलती हूँ तो पीठ में रहता
न्यारा सा है स्कूल बैग।
सभी किताबें और कापियां
रहती प्रेम भाव से इसमें,
पेंसिल कलम लंच बॉक्स से
भरा भरा सा स्कूल बैग।
वाटर बोतल, फल के दाने
कभी टाफियां, कभी चॉकलेट,
नई नई चीजों से सज्जित
मेरा प्यारा स्कूल बैग।
मेरा प्यारा स्कूल बैग
सुन्दर सा है स्कूल बैग,
चलती हूँ तो पीठ में रहता
न्यारा सा है स्कूल बैग।
डॉ0 सतीश चंद्र पाण्डेय
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Comments

10 responses to “बाल कविता – स्कूल बैग”

  1. बहुत खूब , बहुत बढ़िया

    1. बहुत बहुत धन्यवाद सर

  2. बहुत उम्दा अभिव्यक्ति है सर वाह

  3. लाजवाब लेखन पाण्डेय जी

  4. Vasundra singh Avatar

    सुन्दर अभिव्यक्ति

  5. Geeta kumari

    कवि सतीश जी द्वारा लिखी गई बहुत सुंदर बाल रचना है।
    बच्चों के स्कूल बैग और खाने पीने की चीजों का यथार्थ चित्रण

  6. बाल कविता लाजवाब है।

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