बेकारी

चपरासी पद की भर्ती में,
पीएचडी धारक आवेदक हैं,
एक अनार है सौ बीमार हैं,
जुगाड़ में बैठे पहरेदार हैं,
इस जुगाड़ के खेल ने सारी
प्रतिभाओं को निराश कर दिया,
बेकारी के रोग ने देखो,
युवाशक्ति को क्षीण कर दिया.
—– डा. सतीश पांडेय

Comments

14 responses to “बेकारी”

  1. Shyam Kunvar Bharti

    एक अनार सौ बीमार बेहद गंभीर रचना पाण्डेय जी बहुत खूब

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद

  2. Kumar Piyush

    लाजवाब, बहुत खूब

    1. Satish Pandey

      धन्यवाद

  3. MS Lohaghat

    वाह वाह

    1. Satish Pandey

      धन्यवाद जी

  4. Geeta kumari

    आज के परिप्रेक्ष्य को दर्शाती बहुत सुंदर रचना है….एक अनार सौ बीमार वाली कहावत चरितर्थ होती दिखाई भी दे रही है । बहुत सुंदर

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद

  5. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    सुन्दर

    1. Satish Pandey

      आभार जी

    1. Satish Pandey

      धन्यवाद जी

  6. यथार्थ को प्रदर्शित करती हुई सुंदर रचना आजकल यही हो रहा है युवा करे भी क्या पढ़ा लिखा तो है डिग्रियां तो है मगर नौकरी नहीं सरकार का ध्यान इस तरफ जाता ही नहीं हुआ तो गंदी राजनीति करने में लगी हुई है

    1. Satish Pandey

      Thanks

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