भारत – माता की जय बोल।

भारत – माता  की जय बोल। 

हरित  रंग  में  रंगी   धरित्री 
रंगों  की   बिखरी   बरसात, 
गेंदा, अड़हुल, मस्त- चमेली 
पवन  संग   झूमे पारिजात। 
       वल्लरियाँ  गातीं  नित   डोल
      भारत – माता की  जय  बोल। 
मेघ  सलिल  भर  लाते  गगरी
सावन    देशप्रेम    में    झूमा, 
पावन इस  धरती  को  विह्वल 
कोमल निज अधरों से   चूमा। 
        राग  रसिक  छेड़े   अनमोल 
       भारत -माता की जय  बोल। 

कुमकुम, चंदन, उड़ता  परिमल 
कलियों  की   मादक   अंगड़ाई, 
भ्रमर   करे    गुंजार  बीन – सी 
मधुर- मधुर स्वर – लहरी आई। 
     कोयल  कूक  रही  मुँह  खोल।  भारत – माता  की  जय   बोल। 
अनिल मिश्र प्रहरी। 

Comments

12 responses to “भारत – माता की जय बोल।”

  1. Ekta

    भारत माता की जय बोल
    बहुत सुंदर पंक्तियां

    1. Anil Mishra Prahari

      Thanks.

  2. राकेश पाठक

    अति सुंदर

    1. Anil Mishra Prahari

      Thanks.

  3. Pragya

    भारत माँ की जय हो

    1. Anil Mishra Prahari

      Thanks.

  4. भारत माता के प्राकृतिक सांस्कृतिक तथा सामाजिक संरचना का सुंदर वर्णन करती हुई देशभक्ति से परिपूर्ण रचना

    1. Anil Mishra Prahari

      Thanks.

  5.  सुंदर पंक्तियाँ

    1.       Thanks. 

  6. वाह वाह क्या बात है 

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