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  1. भोर होती है हर रोज
    बहुल के लिए ,आशा की
    एक किरण लेकर….
    ________ प्रत्येक भोर आशा की किरण लेकर आती है,इसी सुंदर सत्य को परिलक्षित करती हुई कवियित्री अनु सिंगला जी की एक बेहतरीन रचना

  2. भोर होती है
    हर रोज
    बहुल के लिए
    आशा की
    एक किरण लेकर
    नऐ विचार
    नई ख्वाहिशें
    नई चाह….
    वाह अनु,
    सुबह का सुंदर वर्णन तथा आधुनिक विधा में सिमटी कविता है आपकी…

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