नन्हे से बच्चे को जब
सड़क पर चाय बेचते देखती हूं
इक बहन सिसकती है
मां रोती है
मेरे अंदर
मां रोती है
Comments
6 responses to “मां रोती है”
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उत्तम
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Very nice lines
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बहुत खूब, कवि हृदय में इस तरह की संवेदना लाजमी है। वाह
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सुन्दर अभिव्यक्ति
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✍👍
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बहुत खूब लिखा है
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