ए दिल! गम ना कर
मिल ही जायेगी मज़िल।
यूं मायूस हो जाना अच्छी
बात नहीं ।
कितने कदम रोज़ चलती हूँ
तेरी और,
तुम उतना ही दूर
नज़र आती हो
ये तो अच्छी बात नहीं
हौंसला बुलंद है अपना
पाही लूंगी तुम्हें
तुम रोज़ रुलाती हो
अच्छी बात नहीं ।
तुम्हे पाना ही मेरा
फ़ितूर है मेरा
जब तक तुम नहीं
मिल जाती हो
जीने को जीते हैं
हंसने को हँसते हैं ।
मिल ही जायेगी मंज़िल!!
Comments
16 responses to “मिल ही जायेगी मंज़िल!!”
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वाह मिल ही जायेगी मंजिल बहुत खूब
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धन्यवाद आदरणीय
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बहुत अच्छा
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Thanks
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सुंदर
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Thank
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Nice
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Thanks
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वेलकम
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Suprb
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Thank you
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वेलकम
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अरे वाह
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Thank u
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सुन्दर
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🙏🙏🙏🙏🙏
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