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  1. कवि के लिए कलम किसी तलवार से कम नहीं होता वह स्वयं में ब्रह्मा होता है कुछ भी लिख सकता है किसी भी चीज का सृजन कर सकता है कवित्री अपना यही भाव इस कविता में दिखा रही है बहुत उम्दा बहुत सुंदर

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