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  1. “किस रावण की काटूं बाहें, किस रावण को आग लगाऊं
    घर-घर लंका, पग-पग रावण, इतने राम कहां से लाऊं”
    आज-कल के माहौल के बारे में यथार्थ पंक्तियां…

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