वक्त का समुंदर

वक्त का समुंदर भी कम पड़ गया,
जब भूलने की बारी आई तो….

Comments

12 responses to “वक्त का समुंदर”

  1. दो शब्दों में बड़ी बात

    1. बहुत बहुत धन्यवाद

  2. Geeta kumari

    गागर में सागर

  3. बहुत सुन्दर

    1. Pratima chaudhary

      Thank you sir

  4. Deep

    कोई ठहरता नहीं यूँ तो वक़्त के आगे
    मगर वो ज़ख़्म कि जिस का निशाँ नहीं जाता

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