26 Comments

  1. वाह क्या बात है,
    “फरिश्ता धरा पर आया, मां के रूप में सचमुच एक परी को पाया”
    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति। आपकी प्रखर लेखनी को सैल्यूट। जो भी लिखती हैं जबरदस्त लिखती हैं।

    1. आपकी सुंदर समीक्षा के लिए बहुत सारा धन्यवाद सतीश जी🙏
      मां अपने बच्चे के लिए एक परी ही होती है और प्रभु ने एक एक परी सबको दी है। अभिवादन .. आपकी प्रेरित करती हुई टिप्पणी का आभार

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