सब कहते हैं!

सब कहते हैं! ज़माना बुरा है,
मगर ज़माना बना तो हम से ही है,
हम ढुंढते है खामियां औरों में,
क्या सारी अच्छाईयां हम में ही है!

Comments

10 responses to “सब कहते हैं!”

    1. Pratima chaudhary

      धन्यवाद सर

  1. सही कहा
    बुरा जो देखन मै चला बुरा ना मिलया कोय
    जो दिल खोजा आपनों
    मुझसे बुरा ना कोय..

    1. Pratima chaudhary

      बहुत बहुत आभार, सुंदर समीक्षा के लिए

  2. मोहन सिंह मानुष Avatar

    बहुत सुंदर पंक्तियां

    1. Pratima chaudhary

      धन्यवाद सर

  3. Deep

    बात पते की…
    किसी की अच्छाई का इतना मत फायदा उठाओ
    कि वह बुरा बनने के लिए मजबूर हो जाए!

    1. 🙏🙏 हार्दिक धन्यवाद

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