सोचता हूँ….

सोचता हूँ, क्यों ये बंदूकें है तनी?
उन जीवों पर जो दिखते हूबहू हम जैसे,
नेताओं के कठपुतले बन,
मात्र खून के कतरे है बहे।

सोचता हूँ जब माता-पिता के विषय में,
आँखों से मन के भाव झलक पड़े।
“हमारा आशीर्वाद है, लौट तुम्हे आना है”
बस यही शब्द याद रहे।

सोचता हूँ जब प्यारी बहन के बारे में,
जिसकी डोली मुझे उठानी है,
उसकी खुशियों में अपनेपन की मिठास मुझें मिलानी है।

सोचता हूँ जब उन प्यारे नन्हें हाथों को,
जिनके कोमल स्पर्श से माथे की शिकन हट जाती,
प्यारी-सी मुस्कान सारी चिंता मिटा जाती।

सोचता हूँ जब उस मन को,
जिसमें बस मेरा ही ख्याल रहता है,
जिसका दिल सदा मुझे खोने का दर्द सेहत है।

ऐसी परिस्थिती में भी हम जवान भारत माँ के प्रति अपना कर्तव्य निभाते हैं,
युद्धभूमि में हम मर मिटने को तैयार हो जाते हैं,
पर एक सवाल जो युद्ध के समय हमेशा अखरता है,
आखिर क्यों हम नेताओं की वजह से घुन से पिस जाते हैं?
क्यों धरती माँ के सभी सपूत आपस में ही लड़ते हैं?
नेताओं के कठपुतले बन,
मात्र खून के कतरे ही बहते हैं।

Comments

24 responses to “सोचता हूँ….”

  1. Antima Goyal Avatar
    Antima Goyal

    nice one Chandrika

  2. Sulekha yadav Avatar
    Sulekha yadav

    nice

  3. Mandrika Maurya

    Great job!👍

  4. Great job shiwani!👍👍👍👌

  5. New Charms

    Wow!! It’s just amazing💕😍

  6. Rajsri Singh

    Great job keep it up!!! 👍👍

  7. Rajsri Singh

    Wow! These lines are wonderful

  8. Rajsri Singh

    👍👍👍👍👍

  9. Rajsri Singh

    Nice

  10. New Charms

    Really these lines are wonderful✨😍
    Keep it up!!
    Looking forward for more posts from you!!

  11. Alok Kumar Avatar
    Alok Kumar

    बहुत खूब

  12. Dhatri Tiwari

    Lines are too good.. Impressive 💙

  13. Devansh Maurya

    Beautiful lines❤❤

  14. NXSKíńG OFfîčAĺ ŤřIćK

    Nice one 🙏🙏

    1. New Charms

      Ryt!!

      1. NXSKíńG OFfîčAĺ ŤřIćK

        Hmm

  15. Dhruv kumar

    Nyc

  16. Shiwani Maurya

    Thank you all of you……🙏🙏🙏

  17. Satish Pandey

    जय भारत माँ

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