*सोनू की चॉकलेट*

सोनू एक प्यारा बच्चा था,
मन का बिल्कुल सच्चा था
चॉकलेट खाने का मन
करता था सोनू का
पर मम्मी से वो डरता था
इसीलिए सोनू चॉकलेट की,
विंडो शॉपिंग करता था ।
दूर-दूर से देख के चॉकलेट,
मन ही मन सोचा करता था
बड़ा हो कर खाऊंगा चॉकलेट
सुन्दर सपने बुनता रहता था
टॉफी भी भाती थी उसको,
पर कैडेबरी पर वो मरता था
इसीलिए सोनू चॉकलेट की
विंडो शॉपिंग करता था ।

*****✍️गीता

Comments

8 responses to “*सोनू की चॉकलेट*”

  1. Praduman Amit

    बच्चों के प्रति आपकी कविता बहुत ही सुन्दर है।

    1. बहुत बहुत धन्यवाद अमित जी🙏

  2. सुन्दर कविता, लाजवाब बाल कविता

    1. Geeta kumari

      इस समीक्षा गत टिप्पणी हेतु आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी

  3. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    अतिसुंदर भाव

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद भाई जी 🙏

  4. बच्चों की कोमल भावना का सुंदर प्रस्तुतीकरण

    1. समीक्षा हेतु बहुत बहुत धन्यवाद प्रज्ञा जी

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