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  1. किसान आंदोलन पर बहुत ही सुन्दर और यथार्थ चित्रण प्रस्तुत करती हुई छंद बद्ध रचना है। किसान आंदोलन का सम्पूर्ण आंखों देखा हाल व्यक्त करती हुई बेहतरीन रचना अति उत्तम लेखन

  2. रोटी देता है किसान, सेकूँ रोटी आज,
    आंदोलन को चोंच दूँ, सोच रहा है बाज। …. किसान आंदोलन में सब किसान हैं यह जरूरी नहीं है, कुछ राजनीति करने वाले भी बैठे हैं। आपने अपनी कविता में इसका भी जिक्र करके कविता की गुणवत्ता में वृद्धि की है। बहुत उम्दा रचना

  3. किसान आंदोलन का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया है सतीश जी आपने अपनी कविता में अति उत्तम रचना।

  4. वाह, किसान आंदोलन पर यथार्थ चित्रण प्रस्तुत किया है सतीश जी आपने, छंद बद्ध शैली में बहुत सुंदर कविता ,लाजवाब

  5. किसानों के प्रति गहरी संवेदना दर्शाती हुई आपकी यह एक उच्च स्तरीय रचना है “मांग उठाना देश में, नहीं कोई अपराध,
    लोकतंत्र की रीत है, रखना अपनी बात।” वाह, छंद युक्त कविता में एक प्रोफेशनल कवि की भांति आपने किसानों के मन की बात प्रस्तुत की है। किसान आंदोलन पर यथार्थ चित्रण प्रस्तुत करती हुई बहुत उत्कृष्ट रचना ,बहुत खूब

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