हुकुम

🌹🌹आते रहा करो हुकुम है हजूर का🌹🌹
अब कैसे कहें मिलने को हम खुद भी तरसते रहते हैं

Comments

13 responses to “हुकुम”

  1. वाह,लाजवाब।
    कम शब्दों में हाले दिल बयां कर दिया👏

    1. धन्यवाद 🙏🙏

  2. Praduman Amit

    कभी कभी बे-जुवान दिल भी बोलते हैं।

    1. जी बिलकुल
      🙏सादर आभार आपका 🙏

  3. वाह वाह, इस लेखन प्रतिभा को हमारी ओर से सैल्यूट है। अभिवादन है

    1. Thankyou so much sir 🙏🙏

    1. Priya Choudhary

      Yes 😊

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