हे ईश्वर हम सब तेरी ही संतान
करती हूं प्रार्थना इतनी सी,
प्रभु दे दो वरदान
मत छीनो हम बच्चों से
मां पापा के साए
लौटा दो अपने बच्चों की
फिर से मुस्कान
मत छीनो ,क्षीण हो रही जो सांसे
सबका जीवन हो फिर से हो आसान
ताकि होकर सनाथ हम सब बच्चे
देख सके ,
आप का बनाया हुआ सुंदर सा जहान
—✍️एकता गुप्ता ”काव्या”
होकर सनाथ हम देखे जहान
Comments
12 responses to “होकर सनाथ हम देखे जहान”
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बहुत सुंदर अभिव्यक्ति
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धन्यवाद
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ईश्वर सभी को स्वस्थ एवं खुशहाल रखे।।
बहुत सुंदर अभिव्यक्ति-

धन्यवाद अमिता जी
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Nice
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Thanks
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Jay SHRI SITARAM
God great poem-

Thanks a lot
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बहुत सुन्दर रचना
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बहुत खूब
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आपकी कविता में वास्तविकता की समावेश है।
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सादर आभार
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