ज़िद्दी ज़िन्दगी

ज़िन्दगी मुझ से बस अपनी ही मनवाती है

कभी मेरी सुनती नहीं बस अपनी ही सुनाती है…

कभी जो पूछू सवाल उस से,माँगा करू जवाब

उस से

बस वो धीरे से मुस्कुराती है

ज़िन्दगी मुझ से बस अपनी ही मनवाती है…

कई बार बतलाई अपनी ख्वाहिशे उसको ,

इल्तजा भी की कोई जो पूरी कर दो

वो मेरी अर्ज़ियाँ मुझको ही वापस भिजवाती है

ज़िन्दगी मुझ से बस अपनी ही मनवाती है …

मुझसे कहती है आज न सही, कल

पूरी कर दूंगी ख्वाहिशे तेरी,तू हौसला न छोड़

बस इसी कल की आरज़ू में, मुझे दो कदम

और अपनी ओर ले जाती है….

ज़िन्दगी मुझ से बस अपनी ही मनवाती है

कभी मेरी सुनती नहीं बस अपनी ही सुनाती है ……

Comments

15 responses to “ज़िद्दी ज़िन्दगी”

  1. Nandkishor Avatar
    Nandkishor

    zindgi her kadam ek nyi jang he

    1. Archana Verma

      sahi kaha

    1. Archana Verma

      shukriyaa

    1. Archana Verma

      Thank you

    1. Archana Verma

      dhnyawad

    1. Archana Verma

      bahut bahut aabhar

  2. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar

    वाह बहुत सुंदर रचना

  3. Antariksha Saha Avatar
    Antariksha Saha

    Bahut sundar rachna

  4. Kanchan Dwivedi

    Nice

  5. Pratima chaudhary

    Nice lines

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