Mere Desh ke kisan

मेरे देश के किसान, तू अब जाग,
कर हिम्मत, ना तू अब ऐसे मर,
तेरी मेहनत एक दिन रंग लाएगी,
तू अब ऐसे ना डर,
कर दो देश को अब तू खबर,
जी रहे हैं हम सब तेरा ही अन्न खाकर,
तुझ पर ही है देश टिका, यह नहीं तुझे खबर,
कर हिम्मत ना तू अब ऐसे डर,
नए ढंग से तू अब खेती कर,
जानकारी नई ले कर तू अब खेती कर,
तू नहीं, तो देश का क्या होगा ! यह सोचकर तू डर,
उपज बढ़ाकर कर दो देश का उद्धार |

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10 Comments

  1. Nandkishor - October 12, 2019, 8:32 pm

    jai jawan jai kisan

  2. NIMISHA SINGHAL - October 12, 2019, 11:01 pm

    किसान है तो हम सब है

  3. देवेश साखरे 'देव' - October 13, 2019, 10:43 am

    बहुत खूब

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - October 14, 2019, 3:49 pm

    वाह बहुत सुंदर रचना

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