❤❤ मेरा रक्षाबंधन ❤❤
❤❤ मेरा रक्षाबंधन ❤❤
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दो भाईयों के बीच का झगड़ा
जब तक ना सुलझाती बहन
बोलो आता कैसे चैन?
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सावन है मनभावन है
अम्बर से बरसे नैन
बोलो आता कैसे चैन?
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एक भाई सीमा पर है
दो सावन पर बेचैन
बोलो आता कैसे चैन?
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उमर हो गई बाबा जैसी😃
झगड़ें बच्चों जैसे दिन-रैन
बोलो आता कैसे चैन?
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उमर हो गई बाबा जैसी😃
झगड़ें बच्चों जैसे दिन-रैन
बोलो आता कैसे चैन?—
बहुत ही बेहतरीन 😁😃🙈
इसे कहते हैं व्यंग्यात्मक शैली
😃😃 जी व्यंगात्मक शैली में ही लिखा है मैंने कुछ मन हो आया।🙏🙏
अतिसुंदर रचना
आपको बधाई 💐💐
बहुत सुंदर
धन्यवाद आपका
अब आप आ गई हैं तो सब ठीक हो जाएगा।
बहुत ही सुंदर रक्षाबंधन है आपका।
धन्यवाद सर
अच्छा व्यंग्य किया है
🙏🙏🙏
किया तंज कसी है
आप इतना प्रेम मत कीजिए लोग इस लायक नही हैं
आपके प्रेम पर उनका अधिकार नहीं है
आपकी अच्छी सोच इस कविता से झलक रही है
..
रचना उम्दा है
बहुत ही उम्दा