❤❤ मेरा रक्षाबंधन ❤❤
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दो भाईयों के बीच का झगड़ा
जब तक ना सुलझाती बहन
बोलो आता कैसे चैन?
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सावन है मनभावन है
अम्बर से बरसे नैन
बोलो आता कैसे चैन?
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एक भाई सीमा पर है
दो सावन पर बेचैन
बोलो आता कैसे चैन?
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उमर हो गई बाबा जैसी😃
झगड़ें बच्चों जैसे दिन-रैन
बोलो आता कैसे चैन?
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❤❤ मेरा रक्षाबंधन ❤❤
Comments
13 responses to “❤❤ मेरा रक्षाबंधन ❤❤”
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उमर हो गई बाबा जैसी😃
झगड़ें बच्चों जैसे दिन-रैन
बोलो आता कैसे चैन?—
बहुत ही बेहतरीन 😁😃🙈
इसे कहते हैं व्यंग्यात्मक शैली-

😃😃 जी व्यंगात्मक शैली में ही लिखा है मैंने कुछ मन हो आया।🙏🙏
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अतिसुंदर रचना
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आपको बधाई 💐💐
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बहुत सुंदर
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धन्यवाद आपका
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धन्यवाद सर
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अच्छा व्यंग्य किया है
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🙏🙏🙏
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बहुत ही उम्दा
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