13 Comments

  1. उमर हो गई बाबा जैसी😃
    झगड़ें बच्चों जैसे दिन-रैन
    बोलो आता कैसे चैन?—
    बहुत ही बेहतरीन 😁😃🙈
    इसे कहते हैं व्यंग्यात्मक शैली

  2. किया तंज कसी है
    आप इतना प्रेम मत कीजिए लोग इस लायक नही हैं
    आपके प्रेम पर उनका अधिकार नहीं है
    आपकी अच्छी सोच इस कविता से झलक रही है
    ..

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