मैं आग था पहले..

‘बुझा गया है कोई, मैं चिराग था पहले,
जो जगह आज बंज़र है, बाग था पहले..
बदल ली करवट कुछ इस कदर तकदीर ने,
डरता हूँ आज धुएँ से, मैं आग था पहले..’

– प्रयाग

Comments

14 responses to “मैं आग था पहले..”

  1. Geeta kumari

    वाह, बहुत ख़ूब

    1. हृदय से आभार

  2. मोहन सिंह मानुष Avatar

    बहुत ही लाजवाब 👏👏👏

    1. बहुत आभार आपका

    1. आभार आपका

  3. लाजबाब प्रस्तुति, इस प्रतिभा को सलाम

    1. Thanks For Compliment Sir

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