आगज़नी किसकी है..

‘उलझ पड़ें न कहीं हम, के इस ज़िन्दगी से,
अपनी क्या बनेगी, आज तक बनी किसकी है..
इसलिए रखता हूँ हर आतिश को खुद में दफन,
कहीं वो पूछ न बैठे कि आगज़नी किसकी है..’

– प्रयाग

मायनें :
आतिश – चिंगारी

Comments

12 responses to “आगज़नी किसकी है..”

  1. बहुत सुंदर

  2. बहुत खूब बहुत सुंदर

    1. बहुत शुक्रिया

    1. बहुत आभार आपका

  3. बहुत ख़ूब

    1. बहुत बहुत आभार आपका

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