ये किनारे

ये किनारे दूर होते गए ,
सिर्फ शकों के सैलाब से।।

Comments

11 responses to “ये किनारे”

    1. Pratima chaudhary

      Thank you sir

    1. Pratima chaudhary

      धन्यवाद जी

  1. Anjali Gupta Avatar

    दीये की लौ बुझती रही,
    सिर्फ़ नफ़रत ए हवा से

    1. Pratima chaudhary

      Very nice, thank you

  2. मोहन सिंह मानुष Avatar

    बहुत उम्दा
    रिश्तो में विश्वास का होना बहुत जरूरी है अगर शक नाम की दीवार बीच में आ जाएं तो रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चलता।
    सुन्दर भाव

  3. Pratima chaudhary

    बहुत बहुत-बहुत धन्यवाद

  4. Deep

    अतिसुंदर

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