22 Comments

  1. वाह, सर बहुत ही प्रेरणादायक पंक्तियां।
    “मंज़िल शिखर ना चूमे,
    थकना नहीं है राही”…….very inspirational sir
    ऐसी रचनाएं वास्तव में ऊर्जा प्रदान करती है। आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। आपकी लेखनी को प्रणाम🙏

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