आब-ए-चश्म रातों में न आओ आँख में
रात सोने दो, जरा आराम करने दो,
सुबह को फिर वही,
उनकी जुदाई याद कर के हम,
बुला लेंगे तुम्हें, लेकिन अभी आराम करने दो।
आब-ए-चश्म – आँसू
आब-ए-चश्म
Comments
18 responses to “आब-ए-चश्म”
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बहुत जबरदस्त
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बहुत सारा धन्यवाद
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शब्द नहीं मिलते हैं अकसर
समझने को होती हूँ तत्पर
👌👌👌👌👌👌-
सादर धन्यवाद, समीक्षा हेतु हार्दिक धन्यवाद
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बहुत खूब
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बहुत बहुत धन्यवाद जी
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Very nice
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Thank you
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सुंदर
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सादर धन्यवाद जी
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Heart touching lines
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Thank you ji
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सादर धन्यवाद जी
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बहुत ही उम्दा
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सादर धन्यवाद
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बहुत बहुत बढ़िया
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धन्यवाद जी
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