आफ़ताब का उजाला औऱ
शीतलता हो शशि की
आप इस जिन्दगी को
बड़ी सौगात रब की।
आप गर जिन्दगी में
न होते तो कहें क्या
कहानी ही न होती
बिखर जाती ये कब की।
आप इस जिन्दगी को
Comments
15 responses to “आप इस जिन्दगी को”
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Very nice lines
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बहुत बहुत धन्यवाद जी
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बहुत खूब
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सादर धन्यवाद जी
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बहुत ख़ूबसूरत पंक्तियां हैं सतीश जी कविता पढ़ के समीक्षा के लिए शब्द ही नहीं मिल रहे हैं। लाजवाब…काबिले तारीफ़।
इतनी सुन्दर कविता लिखते हैं आप…आपसे सीखना पड़ेगा ।-
इतनी शानदार समीक्षा करती हैं आप, धन्यवाद शब्द भी कम पड़ जाता है। अभिवादन के सिवा क्या कहें। लेकिन लेखनी आपकी जबरदस्त है।
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Thank you
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बहुत खूब पाण्डेय जी
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बहुत बहुत धन्यवाद
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Very nice lines
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Thank you जी
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बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति
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बहुत बहुत धन्यवाद सुमन जी, आप स्वयं भी बेहतरीन लिखती हैं।
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उम्दा लिखने लगे हैं आजकल आप…
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बहुत बहुत धन्यवाद प्रज्ञा जी
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